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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अधिक पलकें à¤à¤ªà¤•ाना कà¥à¤¯à¤¾ है?| Baccho Mein Palak Jhapakna
जैसा कि हमने ऊपर बताया कि पलकों का à¤à¤ªà¤•ना (बà¥à¤²à¤¿à¤‚किंग) à¤à¤• सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। यह आंखों को आराम देने का काम करती है। वहीं, इसकी गति की बात करें, तो नवजात à¤à¤• मिनट में लगà¤à¤— 3 बार अपनी पलकें à¤à¤ªà¤•ाते हैं और वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤• होने पर यह दर पà¥à¤°à¤¤à¤¿ मिनट 15 से 20 बार तक बढ़ सकती है। अगर शिशॠà¤à¤• मिनट में सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पलकें à¤à¤ªà¤•ाता है, तो यह à¤à¤• असामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है (1)। इस असामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का अधिक पलकें à¤à¤ªà¤•ाना या à¤à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¸à¤¿à¤µ बà¥à¤²à¤¿à¤‚किंग कहा जाता है।
आगे जानकारी दी जा रही है कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के अधिक पलकें à¤à¤ªà¤•ाने के लकà¥à¤·à¤£ के बारे में।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के अधिक पलकें à¤à¤ªà¤•ाने के लकà¥à¤·à¤£
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अधिक पलकें à¤à¤ªà¤•ने के कई लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं, उनके बारे में हम नीचे बता रहे हैं (2)।
बार-बार पलकों का à¤à¤ªà¤•ना।
पलकों का अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ होकर à¤à¤ªà¤•ते रहना।
आंखों में खà¥à¤œà¤²à¥€ होना।
बार-बार आंखों को मलना।
आंखों के आसपास के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में सनसनी होना।
आंखों में थकावट महसूस करना।
फोटोफोबिया की समसà¥à¤¯à¤¾ होना यानी तेज रोशनी को सहन नहीं कर पाना।
इसके अलावा, कà¥à¤› और लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ देखे जा सकते हैं जैसे à¤à¥Œà¤‚ह का ऊपर-नीचे होना या माथे पर à¤à¥à¤°à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ दिखाई देना।
लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को जानने के बाद हम बता रहे हैं अधिक पलकों के à¤à¤ªà¤•ने के कारण के बारे में।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के अधिक पलकें à¤à¤ªà¤•ाने के कारण
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अधिक पलकें à¤à¤ªà¤•ने के कारण कई हो सकते हैं, जिनमें से कà¥à¤› के बारे में हम नीचे बता रहे हैं (3) :
पलकों की असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤à¤‚: पकलों की असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤à¤‚ पकलों के बार-बार à¤à¤ªà¤•ने का à¤à¤• कारण हो सकती हैं। यह असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® से ही (à¤à¥à¤°à¥‚ण के असामानà¥à¤¯ गठन के कारण) या बाद में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती हैं (4)।
अनकरेकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ रिफà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ à¤à¤°à¤°: यह à¤à¤• सामानà¥à¤¯ नेतà¥à¤° विकार है, इसमें आंखें किसी à¤à¥€ à¤à¤• वसà¥à¤¤à¥ के ऊपर ठीक से फाेकस नहीं कर पाती हैं और चीजें धà¥à¤‚धली दिखाई देती हैं (5)।
इंटरमिटेंट à¤à¤•à¥à¤¸à¥‹à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤ªà¤¿à¤¯à¤¾: इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में दोनों आंखों की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ असामानà¥à¤¯ हो जाती हैं (6)।
साइकोजेनिक बà¥à¤²à¥‡à¤«à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤ªà¤¾à¤œà¥à¤®: इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आखों की मांसपेशियों में अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ à¤à¤‚ठन हो सकती है, जिसके कारण आंखों का असामानà¥à¤¯ रूप से à¤à¤ªà¤•ना शà¥à¤°à¥‚ हो सकता है (7)।
आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल के अलग हिसà¥à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के अधिक पलकें à¤à¤ªà¤•ाने के निदान के विषय में बताया जा रहा है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के अधिक पलकें à¤à¤ªà¤•ाने का निदान
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के अधिक पलकें à¤à¤ªà¤•ने का निदान नेतà¥à¤° रोग विशेषजà¥à¤ž कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार कर सकते हैं (2) –
सà¥à¤²à¤¿à¤Ÿ लैंप परीकà¥à¤·à¤£: इसमें डॉकà¥à¤Ÿà¤° आईलिड, आईलैशेज के साथ कॉरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में चोट, सूजन व बाहरी कण की जांच करते हैं। इसके अलावा, आंसूओं के सà¥à¤°à¤¾à¤µ यानी आंखों से पानी आने के कारण का परीकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ किया जाता है।
ऑटोरेफà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤° : इसमें रिफà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ à¤à¤°à¤° यानी आंखों के धà¥à¤‚धलेपन की जांच की जाती है। साथ ही देखा जाता है कि कहीं बचà¥à¤šà¥‡ को चशà¥à¤®à¥‡ या लेंस की आवशà¥à¤¯à¤•ता है या नहीं।
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥‡à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ: इसमें आंखों से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥‡à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ किठजाते हैं। साथ ही बचà¥à¤šà¥‡ या परिवार के किसी सदसà¥à¤¯ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ के बारे में à¤à¥€ जानकारी हासिल की जाती है।
विजन टेसà¥à¤Ÿ : इसमें इंटरनेशनल विजà¥à¤…ल चारà¥à¤Ÿ की मदद से दृषà¥à¤Ÿà¤¿ की जांच की जाती है।
निदान के बाद बारी है बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के अधिक पलकें à¤à¤ªà¤•ाने के उपचार को जानने की।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के अधिक पलकें à¤à¤ªà¤•ाने का उपचार
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अधिक पलकें à¤à¤ªà¤•ाने का उपचार संबंधित कारणों के आधार पर किया जा सकता है, जो कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हो सकता है (2) –
सामानà¥à¤¯ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ या अनà¥à¤¯ सामानà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण हो रही अधिक पलकें à¤à¤ªà¤•ाने की समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° आई डà¥à¤°à¥‰à¤ª, जेल या à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं की सलाह दे सकते हैं।
अगर समसà¥à¤¯à¤¾ गंà¤à¥€à¤° है, जैसे अनकरेकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ रिफà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ à¤à¤°à¤°, तो उसके लिठचशà¥à¤®à¤¾ या कॉनà¥à¤Ÿà¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ लेंस लगाने को कहा जा सकता है या फिर रिफà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सरà¥à¤œà¤°à¥€ की जा सकती है (8)।
इसी तरह अनà¥à¤¯ कारणों के आधार पर पलकों के अधिक à¤à¤ªà¤•ने का इलाज किया जा सकता है।
आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में आगे पढ़ें कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के अधिक पलक à¤à¤ªà¤•ाने से बचाव कैसे किया जा सकता है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के अधिक पलकें à¤à¤ªà¤•ाने से बचाव
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के अधिक पलक à¤à¤ªà¤•ाने वाली समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाव के लिठबीच-बीच में नेतà¥à¤° जांच जरूर करवाà¤à¤‚। साथ ही उनकी किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ के ऊपर à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤à¥¤ इसके अलावा, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के खान-पान का पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। फल और हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के आहार में जरूर शामिल करें। वहीं, लेख में ऊपर बताठगठलकà¥à¤·à¤£ दिखने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• जरूर करें।
यहां हम बता रहे हैं कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के अधिक पलक à¤à¤ªà¤•ाने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाना चाहिà¤à¥¤
आपको कब चिंता करनी चाहिà¤? | चिकितà¥à¤¸à¤• से कब संपरà¥à¤• करें?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अधिक पलक à¤à¤ªà¤•ाने की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर नहीं होती है, तो यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की तकलीफ का कारण बन सकती है। अगर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास उपचार के लिठजाना चाहिà¤à¥¤
आंख खोलने और बंद करने में परेशानी हो।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का बार-बार आंखों को मलना या रगड़ना।
जब किसी à¤à¥€ चीज को देखने में बचà¥à¤šà¤¾ आंखों पर अधिक जोर लगा रहा हो।
अगर बचà¥à¤šà¥‡ में पलक à¤à¤ªà¤•ना असामानà¥à¤¯ लगे।
किसी à¤à¥€ चीज के ऊपर फोकस करने पर बचà¥à¤šà¥‡ में चिड़चिड़ापन या गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ दिखाई दे।
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